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हिंदुत्व की बयार से फ़िनलैंड के चर्च चिंतित

राजेश झा

फ़िनलैंड के चर्च ने यह बयान दिया कि रविवार को हमारे चर्च खाली रहते हैं और फिनिश लोग योग केंद्र और हिंदू मंदिरों में जा रहे हैं।पूरे विश्व के हिंदुओं को फिनलैंड के हिंदुओं से सीख लेनी चाहिए उन्होंने बेहद शानदार हिंदुओं का डाटा बैंक रखा है हर त्यौहार पर और रविवार को गेट टूगेदर रखते हैं एक -दूसरे के संपर्क में रहते हैं एक दूसरे के सुख -दुख में जाते हैं और सिर्फ दस प्रतिशत ही भारतीय मूल के हिंदू हैं शेष नब्बे प्रतिशत हिंदू तो फिनलैंड के गोरे लोग हैं।

फिनलैंड की राजधानी हेलसिंकी के हिंदू हर रविवार को गेट टुगेदर रखते हैं मंदिर में पूजा होती है कीर्तन होता है , आरती होती है उसके बाद भोजन प्रशाद का आयोजन होता है।आज ३०० हिंदू परिवारों से परिचय हुआ जो मूलतः फिनलैंड के ही हैं -दो परिवार पाकिस्तानी हिंदू थे और दो परिवार बांग्लादेशी हिंदू थे कुछ नेपाली हिंदू भी थे और कुछ अफगानिस्तान के भी हिंदू थे। ये लोग यहां बहुत अच्छा काम कर रहे हैं एक दूसरे की सहायता करना ,एक दूसरे को नौकरी में या व्यवसाय में मदद करना उनके स्वभाव का अंग बन चुका है।

फिनलैंड में फिनिश मूल के विदेशी हिंदू बता रहे थे कि मोदी जी ने विदेशी मूल के हिंदुओं को भारत आने के लिए बहुत आसान सुविधा कर दिया था। कोई भी विदेशी जिसने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया हो वह राजदूतावास जाकर कहे कि उसने हिंदू धर्म स्वीकार कर लिया है और वह भारत यात्रा करना चाहता है तो उसे छह महीने का वीजा मिलता था। लेकिन ईसाई मिशनरियों ने इसका दुरुपयोग करना शुरू किया। ईसाई मिशनरी खुद को हिंदू बताकर वीजा लेने लगे और भारत में जाकर ईसाई धर्म का प्रचार करने लगे।जब इस बदमाशी पर आवाज उठाई गई तो मोदी सरकार ने यह योजना बंद कर दी। लेकिन यह सच में विदेशी मूल के हिंदुओं के लिए यानी ऐसे हिंदू जो भारतीय मूल के नहीं हैं उनके लिए बड़ा अच्छा था। अब इन विदेशी मूल के हिन्दुओ को भारत का वीजा लेने में दिक्कत होती है अब इन्हें यहां के सनातन धर्म या फिर इस्कॉन मंदिर से एक सर्टिफिकेट दिखाना होता है कि यह सच में हिंदू हो गए हैं उसके बाद ही इन्हें वीजा दिया जा रहा है।

यहां पर नेपाली हिंदुओं की भी बड़ी अच्छी खासी तादाद है बांग्लादेश के हिंदू ही काफी बड़ी संख्या में हैं उसके अलावा में यह जानकर चौक गया फिनलैंड की बहुत बड़ी फिनलैंड की आबादी जो मूलतः फिनिश है वह लोग भी इस्कॉन से प्रभावित होकर हिंदू धर्म स्वीकार करने लगे हैं। कल मैंने यहां की जो रथयात्रा देखी मुझे सिर्फ १० या १२ भारतीय या नेपाली मूल के हिंदू दिखे। उसके बाद कम -से- कम हजार से ज्यादा ऐसे हिंदू थे जो फिनलैंड के गोरे लोग थे। और आज रविवार है अभी मैं थोड़ी देर में यहां के सनातन धर्म और इस्कॉन मंदिर जाऊंगा क्योंकि फिनलैंड के जो गोरे हिंदू हैं वह हर रविवार को अपना एक गेट टूगेदर रखते हैं और दूसरे फिनिश लोगों को हिंदू धर्म में शामिल होने की प्रेरणा देते हैं मैं वहां जाकर आपको वीडियो बनाकर पूरी जानकारी दूंगा।

यहां के गोरे लोग बड़ी संख्या में हिंदू धर्म स्वीकार कर रहे हैं। यही विश्व का भविष्य है सबको हिंदुत्व की शरण में आना होगा। मंदिर में सिर्फ दस प्रतिशत हिन्दू भारतीय मूल के थे शेष फिनलैंड के मूल निवासी। मैं यह देख कर चकित रह गया कि भारतीयों को संस्कृत नहीं आती वही विदेशियों ने संस्कृत कितनी शानदार सीख लिया। मंदिर के काउंटर पर कल मैंने एक तुलसी माला खरीदने गया। माला एक विदेशी फिनलैंड के हिंदू बेच रहे थे , उन्होंने मुझसे पूछा कि क्या आप गार्लिक अनियन ( अदरक और प्याज ) खाते हैं? मैंने कहा-‘ जी’ तब उन्होंने मुझे माला बेचने से मना कर दिया और बोला कि जब आप 2 साल तक सात्विक खाना खाने लगे तब ये माला ले सकते है।

एक विदेशी मूल के हिंदू संस्कृत में मंत्र उच्चारण कर रहे हैं इनका मंत्रोच्चारण एकदम शुद्ध है। मंदिर के हाल में बैठे तमाम हिंदू और सभी विदेशी हैं वह भी संस्कृत में मंत्रोच्चारण दोहरा रहे हैं। दरअसल मंदिर में दो हाल हैं भारतीय मूल के 10 या 12 लोग बगल वाले हाल में बैठे हैं जहां मंत्रोच्चारण का इंग्लिश अनुवाद ऑटोमेटिक स्पीकर पर आता है। मैं यह देख कर चकित रह गया कि भारतीयों को संस्कृत नहीं आती वही विदेशियों ने संस्कृत कितनी शानदार सीख लिया।

( जितेंद्र सिंह से बातचीत पर आधारित )

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